शुक्रवार, 3 मार्च 2023

संघर्ष

संघर्ष

जिंदगी से लड़ना ही संघर्ष है,
जिंदगी से लड़ते हुए ,
कांटों पर चलते हुए,
 मंजिल को पाना ही जिंदगी है।
सावन के महीने में,
बादलों की गड़गड़ाहट, 
पत्तों की सरसराहट ,
फिर पानी का बरसना ही जिंदगी है।
समुद्र के किनारे,
लहरों की हलचल,
 पवनों का वेग, 
कश्तियों का चलना ही जिंदगी है।
संध्या के समय,
दीपों का जलना,
 पक्षियों का घर जाना,
 उपवन का मुरझाना ही जिंदगी है।
रात्रि के पहर में,
शमा का जलना,
 परवाने का मिटना,
 और रातरानी का खिलना ही जिंदगी है।
                             राजेश्री गुप्ता



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